शिक्षकों की कमी से जूझ रहे आत्मानंद स्कूल, आखिर कब जारी होगी प्रतिनियुक्ति सूची

बिलासपुर। प्रदेश में 16 जून से नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन राज्य के अनेक स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय आज भी शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। स्थिति यह है कि कई स्कूलों में फिजिक्स, केमिस्ट्री और गणित जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
कुछ समय पहले स्कूल शिक्षा मंत्री ने मीडिया से चर्चा में कहा था कि आत्मानंद विद्यालयों में शिक्षकों की व्यवस्था जल्द की जाएगी और प्रतिनियुक्ति की सूची शीघ्र जारी होगी। इस बयान के बाद यह उम्मीद जगी थी कि नए सत्र के प्रारंभ होते ही हिंदी माध्यम के आत्मानंद विद्यालयों में शिक्षकों की पदस्थापना हो जाएगी। चूंकि इन विद्यालयों के लिए प्रतिनियुक्ति पर आने वाले शिक्षक पहले से ही विभाग में कार्यरत हैं, इसलिए अलग से भर्ती की आवश्यकता भी नहीं है। हालांकि, सत्र शुरू हुए कई दिन बीत जाने के बावजूद प्रतिनियुक्ति आदेश जारी नहीं हो सके हैं।
विभागीय सूत्रों के अनुसार प्रतिनियुक्ति के लिए सूची तैयार होने की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी थी, लेकिन अब तक आदेश जारी नहीं होने के कारणों को लेकर स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आई है। इससे विद्यालयों में कार्यरत प्राचार्यों, शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि शैक्षणिक सत्र के शुरुआती दिनों में ही विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है, क्योंकि शुरुआती पढ़ाई में हुई देरी का असर पूरे सत्र के परिणामों पर पड़ता है। विशेष रूप से बोर्ड कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय है।
प्रदेश सरकार ने आत्मानंद विद्यालयों की शुरुआत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने और सरकारी स्कूलों को उत्कृष्ट शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से की थी। लेकिन यदि इन विद्यालयों में आवश्यक विषयों के शिक्षक ही उपलब्ध नहीं होंगे, तो उत्कृष्ट शिक्षा का उद्देश्य प्रभावित होना स्वाभाविक है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब नया सत्र शुरू हो चुका है और शिक्षकों की आवश्यकता स्पष्ट रूप से सामने है, तब आत्मानंद विद्यालयों के लिए प्रतिनियुक्ति सूची आखिर कब जारी होगी ? विद्यार्थी, अभिभावक और शिक्षक सभी इस निर्णय का इंतजार कर रहे हैं।