महतारी वंदन योजना बनी वैसाखी बाई का सहारा, छोटी-छोटी जरूरतों से संवर रहा परिवार का भविष्य

गौरेला पेंड्रा मरवाही: परिवार की खुशहाली केवल बड़े संसाधनों से नहीं, बल्कि रोजमर्रा की छोटी-छोटी जरूरतों के समय पर पूरा होने से भी आती है। छत्तीसगढ़ शासन की महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में इसी तरह सकारात्मक बदलाव ला रही है। गौरेला विकासखंड की ग्राम पंचायत धनौली के ढाढ़ीपारा निवासी वैसाखी बाई के लिए यह योजना घरेलू जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ अपने बच्चे की पढ़ाई में सहयोग देने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गई है। महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त की राशि प्राप्त होने से वैसाखी बाई को आर्थिक संबल मिला है। वे इस राशि का उपयोग अपने लिए साग-सब्जी खरीदने तथा अपने बच्चे की पढ़ाई पर होने वाले खर्च में करती हैं। उनके लिए योजना की यह राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि अपनी जरूरतों को पूरा करने और बच्चे की शिक्षा में योगदान देने का अवसर भी है।
घर-परिवार की जिम्मेदारियों के बीच महिलाओं के लिए अपनी आवश्यकताओं और बच्चों की पढ़ाई के खर्च का ध्यान रखना आसान नहीं होता। ऐसे में नियमित आर्थिक सहायता उन्हें अपने छोटे-छोटे फैसले स्वयं लेने और परिवार की जरूरतों में सहयोग करने का भरोसा देती है। वैसाखी बाई की कहानी इसी भरोसे और आत्मनिर्भरता की एक सहज मिसाल है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से मिलने वाली सहायता राशि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ ही परिवार के पोषण और बच्चों की शिक्षा जैसी महत्वपूर्ण जरूरतों में सहयोग दे रही है। वैसाखी बाई इस योजना से लाभान्वित होकर छत्तीसगढ़ शासन की इस पहल के प्रति आभार व्यक्त करती हैं। योजना से लाभ मिलने पर वैसाखी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।