नई दिल्ली। एकीकृत रक्षा कार्मिक मुख्यालय (एच, आईडीएस) ने संयुक्तता और एकीकरण के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर गुरुवार को अपनी रजत जयंती मनाई। 1 अक्टूबर 2001 को नई दिल्ली में स्थापित एकीकृत रक्षा कार्मिक मुख्यालय के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर को ‘त्रि-सैन्य दिवस’ के रूप में मनाया गया। इस दौरान संयुक्तता और एकीकरण के जरिए भविष्य की रक्षा तैयारियों को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
‘त्रिशक्ति मंथन’ में भविष्य की तैयारियों पर चर्चा
रजत जयंती समारोह के तहत एकीकृत रक्षा कार्मिक मुख्यालय ने ‘संयुक्तता और एकीकरण के माध्यम से भविष्य की तैयारी’ विषय पर ‘त्रिशक्ति मंथन’ का आयोजन किया। कार्यक्रम को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) और सैन्य कार्य विभाग के सचिव जनरल एन. एस. राजा सुब्रमण्यम तथा चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी (सीआईएससी) के अध्यक्ष के चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ एयर मार्शल तेजिंदर सिंह ने संबोधित किया।
संयुक्त अभियानों और प्रशिक्षण पर जोर
चर्चा के दौरान संयुक्त परिचालन सिद्धांतों, संयुक्त प्रशिक्षण ढांचे, एकीकृत सैन्य अभ्यास और मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) तंत्र के बेहतर समन्वय के जरिए परिचालन तैयारियों को मजबूत करने में एकीकृत रक्षा स्टाफ की भूमिका को रेखांकित किया गया।
रजत जयंती पुस्तक और फिल्म जारी
संयुक्तता और एकीकरण को मजबूत करने में एकीकृत रक्षा कार्मिक मुख्यालय के योगदान को दर्शाने के लिए रजत जयंती पुस्तक जारी की गई। इसमें पिछले 25 वर्षों के विकास और उपलब्धियों को शामिल किया गया है। इसके अलावा स्थापना के बाद से मुख्यालय की प्रमुख उपलब्धियों को प्रदर्शित करने वाली एक फिल्म भी जारी की गई।
उल्लेखनीय योगदान देने वाले कर्मी सम्मानित
संयुक्तता और एकीकरण को मजबूत करने में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कर्मियों को प्रतिष्ठित ‘सीडीएस यूनिट प्रशस्ति’ से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर देश की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीरों को श्रद्धांजलि भी दी गई। राष्ट्रीय युद्ध स्मारक एवं संग्रहालय में पुष्पांजलि समारोह आयोजित कर शहीदों को नमन किया गया।
साइबर, अंतरिक्ष और एआई पर बढ़ा फोकस
एकीकृत रक्षा कार्मिक मुख्यालय ने साइबर, अंतरिक्ष और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए रक्षा बलों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके साथ ही रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए अनुसंधान संगठनों, शिक्षा जगत और उद्योग के साथ सहयोग के जरिए स्वदेशी क्षमताओं के विकास को गति दी गई है।
संस्थागत समन्वय को किया मजबूत
मुख्यालय ने ‘रण संवाद’, ‘संयुक्त कमांडर्स सम्मेलन’ (जेसीसी) और ‘संयुक्त परिचालन समीक्षा एवं मूल्यांकन’ (सीओआर) जैसे मंचों के जरिए आपसी तालमेल के लिए संस्थागत व्यवस्थाओं को मजबूत किया है। इन पहलों से मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों पर व्यवस्थित चर्चा और थल, समुद्र, वायु, अंतरिक्ष, साइबर तथा संज्ञानात्मक क्षेत्रों में संयुक्त अभियान चलाने की क्षमताओं को मजबूत करने में मदद मिली है।