रायपुर। रायपुर पुलि कमिश्नरेट को “ऑपरेशन तलाश” अभियान के तहत बड़ी सफलता मिली है। अप्रैल 2026 में चलाए गए इस विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने कुल 426 गुमशुदा लोगों को खोजकर सुरक्षित उनके परिवारों तक पहुंचाया। इनमें बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और पुरुष शामिल हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से सैकड़ों परिवारों के चेहरे पर फिर से खुशी लौट आई है।
अभियान के तहत जिन लोगों को दस्तयाब किया गया, उनमें 7 बालक, 31 बालिकाएं, 272 महिलाएं और 116 पुरुष शामिल हैं। कई लोग महीनों से लापता थे, जिनकी तलाश में परिजन लगातार पुलिस से गुहार लगा रहे थे। कुछ मामलों में मानसिक रूप से परेशान लोग घर छोड़कर चले गए थे, जबकि कई महिलाएं और बच्चे दूसरे राज्यों में पहुंच गए थे।
यह अभियान पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाया गया। इसकी निगरानी रायपुर कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने की। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के तीनों जोन के डीसीपी के नेतृत्व में थाना स्तर पर विशेष टीमों का गठन किया गया। टीमों ने तकनीकी इनपुट, मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से गुम लोगों की तलाश शुरू की।
पुलिस की टीमों ने छत्तीसगढ़ के अलावा महाराष्ट्र, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और मध्यप्रदेश के कई शहरों में पहुंचकर गुमशुदा लोगों को दस्तयाब किया।
कई बार पुलिसकर्मियों को सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ी। लगातार समन्वय और मेहनत के बाद सभी लोगों को सुरक्षित वापस लाया गया। अभियान में थाना स्तर पर भी शानदार प्रदर्शन देखने को मिला।
डीडी नगर थाना सबसे ज्यादा गुमशुदा लोगों को खोजने में पहले स्थान पर रहा। उरला थाना दूसरे और पुरानी बस्ती थाना तीसरे स्थान पर रहा।
उरला थाना क्षेत्र के एक मामले में पुलिस ने विशेष तेजी दिखाई। एक नाबालिग लड़की के अपहरण की शिकायत मिलने के बाद टीम ने सिर्फ 48 घंटे के भीतर महाराष्ट्र के सोलापुर पहुंचकर बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया। इसके बाद उसे उसके माता-पिता को सौंप दिया गया।