पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन को जन आंदोलन बनाने का समय : ज्योतिरादित्य सिंधिया

नई दिल्ली। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया है। मध्य प्रदेश के गुना संसदीय क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे सिंधिया ने शनिवार को गुना जिले के कांजा गांव स्थित कूनो नदी के उद्गम स्थल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत 700 पौधों का रोपण किया।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन का संरक्षण जनभागीदारी से ही संभव है और प्रत्येक नागरिक को पौधारोपण तथा जल स्रोतों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान देशभर में जन आंदोलन का रूप ले रहा है, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ मातृत्व, प्रकृति और भविष्य की पीढ़ियों के प्रति संवेदनशीलता का भी प्रतीक है।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने ग्राम चिनेरा में 17.98 लाख रुपए की लागत से निर्मित चेक डैम का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि जल संरचनाओं का निर्माण और जल स्रोतों का संरक्षण भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और समृद्ध भारत की मजबूत आधारशिला है।
सिंधिया ने खुटियावाड़ में सनगार्नर के 20 करोड़ रुपए की लागत वाले सोलर प्लांट का उद्घाटन भी किया। 4.5 मेगावाट क्षमता वाला यह संयंत्र प्रतिवर्ष 75 लाख यूनिट स्वच्छ बिजली का उत्पादन करेगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना आत्मनिर्भरता और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, हरित आवरण का विस्तार और प्राकृतिक संसाधनों का संवर्धन ही सतत विकास का आधार हैं। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की।